
विगत कुछ वर्षों से जैविक खेती का चलन काफी बढ़ गया है जो कि पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी आवश्यक भी है परंतु आज बाजारों में जैविक उत्पाद के नाम से कई ऐसे उत्पादो को किसान भइयो को मुहैय्या कराया जा रहा है जो कि रसायनिक है इसके प्रति किसान भाइयों को जागरूक रहने की आवश्यकता है ।
आज की कड़ी में किसान भाइयों को डॉ गजेंन्द्र चन्द्राकर वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक बताएंगे कि किस तरह इल्लियों पर जैविक कीटनाशक का प्रभाव पड़ता है और किस तरह रसायनिक दवाओं का प्रभाव पड़ता है।
नीचे प्रदर्शित चित्रों के माध्यम से किसान भाई स्वयं जांच कर सकते है कि उन्होंने जिन उत्पादों का प्रयोग अपनी फसल पर किया है वह जैविक है या रसायनिक
बायो से मरी या केमिकल से “प्रभावित इल्ली देखकर पहचान आसान”







साभार
डॉ गजेंन्द्र चन्द्राकर
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक
राजकुमारी सिदार
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर