किसानो का पैसा बचायेगी ये “खाद”

मटका खाद

पिछले कुछ दशकों से देखा गया है कि रसायनिक दवाओं के अंधाधुंध छिड़काव के कारण हमारी जमीन बंजर तो हो ही रही है अपितु खेत की मिट्टी का पी एच वैल्यू भी कम होता जा रहा है मिट्टी अम्लीय होती जा रही है। जिसे उपजाऊ बनाने के लिए भांति-भांति प्रकार के रसायनों का छिड़काव खेतो पर किया जा रहा है, जिसके कारण मानव स्वास्थ्य को काफी बुरा प्रभाव पड़ रहा है और कई घातक बीमारियों को हम आमंत्रित भी कर रहे है। इस समस्या के निराकरण हेतु पिछले कई लेखों के माध्यम से जैविक विधियों से खाद, कीटनाशक, हार्मोन्स,काढ़ो के बारे में बताया गया है जिसे किसान भाइयों ने काफी पसंद भी किया है।

इस तारतम्य में आज की कड़ी में हम बताएंगे “मटका खाद’ के बारे में जिसे किसान भाई आसानी से केवल 5 से 7 दिवस में ही तैयार कर अपने खेत पर छिड़काव कर सकता है,और जो खाद खरीदने में जो लागत आती है उसे कम कर सकते है

                       
आवश्यक सामग्री:-


■ देशी गाय का 10  लीटर गौमूत्र ,

■ 10 किलोग्राम ताजा गोबर,

 ■ 01 किलोग्राम  गुड 

 ■01 किलो चने का बेसन

■ 1/2 किलोग्राम मिट्टी

मटका खाद बनाने की विधि:-

 सभी को मिलाकर 1 बड़े मटके में भरकर 5-7 दिन तक सडाएं इससे उत्तम जीवाणु कल्चर तैयार होता है। मटका खाद को 200 लीटर पानी में घोलकर किसी भी फसल में गीली या नमीयुक्त जमीन में फसलों की कतारों के बीच में अच्छी तरह से प्रति एकड़ छिडकाव करें . हर 15 दिन बाद इस क्रिया को दोहराएं।इस तरह फसल भी अच्छी होगी , पैदावार भी बढ़ेगी,जमीन भी सुधरेगी और किसी भी तरह के खाद की आवश्यकता नहीं पड़ेगी . इस तरह से किसान आत्मनिर्भर होकर बाजार मुक्त खेती कर सकता है और जहरमुक्त , रसायन मुक्त स्वादिष्ट और पौष्टिक फसल तैयार कर सकता है।


ऐसे उपयोग करे:- 

इस मटका खाद को सिंचाई जल के साथ सीधे भूमि उप अथवा टपक (ड्रिप) सिंचाई से भी दिया जा सकता है (1 मटका प्रति एकड़) एक मटका खाद को 400 लीटर पानी में अच्छे से घोलकर इस विलयन को पौधे के पास जमीन पर देने से अच्छे परिणाम मिलते है. यदि इसी विलयन को सूती कपड़े से छानकर फसलों पर छिड़कते है तो अधिक फूल व फल लगते है।


किन फसलों पर करे प्रयोग:-

मटका खाद का प्रयोग सभी प्रकार के फसलों पर किया जा सकता है।


सावधानियां

 मटका खाद का उपयोग करने के बाद कम से कम 15 दिवस तक किसी रसायनिक दवाओं का खेत मे छिड़काव ना करे।

किसान भाई श्री अनिल चौहरिया जी के वीडियो के माध्यम से सीखे की मटका खाद कैसे बनाया जाता है।


 विनम्र निवेदन

कम से कम किसान भाई एक एकड़ में इस विधि से खाद बनाकर जरूर अपनी फसल पर प्रयोग करे निश्चित ही लाभ मिलेगा और हम जैविक खेती की ओर अग्रसर रहेंगे।

तकनीक प्रचारक

Published by कृषि कनेक्शन

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