
फिंगेश्वर – विकासखण्ड के गौठान ग्राम कसेरूडीह,सहसपुर, बासीन ,कोपरा , सेंदर रावड़ में कृषि विज्ञान केन्द्र जिला गरियाबंद एवं कृषि विभाग द्वारा गौठानों में कार्यरत् महिला समूहों को वर्मी कंपोस्ट निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। गौरतलब है कि अंचल में लगातार हो रहे, रसायनिक दवाओं और उर्वरकों के अंधाधुंध छिडकाव से भूमि की दशा काफी बिगडती चली जा रही है एवं कृषकों को सही उपज प्राप्त नहीं हो पा रही है पर्यावरण को भी काफी हानि हो रही है, जो कि एक गंभीर समस्या का विषय है।

इस परिपेक्ष्य में सुराजी गांव योजना (नरवा गरवा,घुरवा बाडी) अंतर्गत बने गौठानों में महिला समूहों को आत्मा योजनांतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र गरियाबंद के वैज्ञानिक ने वर्मी खाद निर्माण की विधि बताई। प्रवीण कुमार जमरे कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि केंचुआ खाद एक उच्च गुणवत्ता युक्त खाद है जिसमें हर प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते है जो कि पौधों के लिये अत्यंत लाभकारी है।

बी.आर.साहू वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी फिंगेश्वर ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण के दौरान वर्मी खाद कृषकों के लिये अत्यंत उपयोगी होगी एवं कम कीमत पर किसानों को अपने ग्राम में ही उपलब्ध होगा।
उक्त कार्यक्रमों में कृ.वि.अधिकारी खिलेश्वर साहू ,केश कुमार साहू ग्रा.कृ.वि.अधिकारी हेमंत ध्रुव, उज्जवल शर्मा, शहजाद हुसैन, हरिशंकर सुमेर उपस्थित थे।