कृषि मंत्रालय भारत सरकार एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़िया कृषि छात्र ने बनाया एक जैविक उत्पाद “ROOT RISE”

योगेश सोनकर तहसील धमधा जिला दुर्ग छत्तीसगढ़ के निवासी है के एवं कृषि के छात्र है। योगेश सोनकर के स्टार्टअप ने एसोचैम स्टार्टअप लॉन्च पैडकॉम्पिटीशन के फाइनल राउंड में जगह बनाने में गत वर्ष कामयाबी हासिल की थी। इसका फाइनल राउंड अक्टूबर-नवंबर में गुजरात या दिल्ली में होना था। परन्तु कोरोना संक्रमण के खतरे कीContinue reading “कृषि मंत्रालय भारत सरकार एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़िया कृषि छात्र ने बनाया एक जैविक उत्पाद “ROOT RISE””

जानिए मखाना की खेती कैसे देगी लाखों की पैदावार

मखाना की खेती मुख्य रूप से पानी की घास के रूप में होती है. इसको कुरूपा अखरोट भी कहा जाता है. मखाना की लगभग 88 प्रतिशत खेती अकेले बिहार में की जाती है. मखाना पोषक तत्वों से भरपूर एक जलीय उत्पाद है. जिसके अंदर प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट काफी मात्रा में मिलते हैं. जो मनुष्य केContinue reading “जानिए मखाना की खेती कैसे देगी लाखों की पैदावार”

छत्तीसगढ़ में अब तक 1210.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर, 30 सितम्बर 2020 प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष में संकलित जानकारी के अनुसार प्रदेश में एक जून से अब तक कुल 1210.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक बीजापुर जिले में 2273.7 मि.मी. और सबसे कम सरगुजा में 821.6Continue reading “छत्तीसगढ़ में अब तक 1210.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज”

किसान अपने खेतों की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की जांच खुद कर सकेंगे।

कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित मिट्टी परीक्षण किट को मिला भारत सरकार का पेटेंट किसान अपने खेतों की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की जांच खुद कर सकेंगे रायपुर, 30 सितम्बर 2020। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. एस.के. पाटील के नेतृत्व में मृदा वैज्ञानिकों के एक दल ने खेतों की मिट्टी की जांच केContinue reading “किसान अपने खेतों की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की जांच खुद कर सकेंगे।”

रामा क्रॉप साइंस का है ये वादा कम खर्च उपज ज्यादा “MULTIPLAYER”

प्रायः किसान भाई अपनी फसल को स्वस्थ रखने के लिए कई प्रकार के रसायनिक दवाओं का उपयोग करते है जो कि पर्यावरण संतुलन को तो बिगाड़ता ही है साथ ही साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी काफी घातक है। रासानिक दवाओं के उपयोग से जहां हम अपनी जमीन को बंजर बना रहे है वही जानेContinue reading “रामा क्रॉप साइंस का है ये वादा कम खर्च उपज ज्यादा “MULTIPLAYER””

रोग प्रबंधन:-फसलों में लगने वाले ब्लाइट व ब्लास्ट की कारगर दवा “ALL IN ONE “

प्रायः किसान भाई अपनी फसल को बीमारियों से बचाने के लिए कई प्रकार के रसायनिक दवाओं का उपयोग करते है जो कि पर्यावरण संतुलन को तो बिगाड़ता ही है साथ ही साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी काफी घातक है। रासानिक दवाओं के उपयोग से जहां हम अपनी जमीन को बंजर बना रहे है वहीContinue reading “रोग प्रबंधन:-फसलों में लगने वाले ब्लाइट व ब्लास्ट की कारगर दवा “ALL IN ONE “”

कृषि महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया जारी, कक्षा बारहवीं के प्राप्तांकों के आधार पर मिलेगा दाखिला

इच्छुक विद्यार्थी 10 सितंबर तक कर सकते हैं आॅनलाइन आवेदन रायपुर, 28 अगस्त 2020। कोविड-19 संक्रमणकाल के दौरान इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित शासकी एवं निजी कृषि/उद्यानिकी महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2020-21 के बी.एस.सी. कृषि (आनर्स) तथा बी.एस.सी. उद्यानिकी (आनर्स) पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में कक्षा 12वीं के अर्हकारी अंकों (अ) विज्ञान समूहContinue reading “कृषि महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया जारी, कक्षा बारहवीं के प्राप्तांकों के आधार पर मिलेगा दाखिला”

सूचना – स्नातकोत्तर एवं पी.एच.डी. पाठ्यक्रमों में प्रवेश 5 सितंबर से

पिछली उपाधि के प्राप्तांकों के आधार पर मिलेगा दाखिला रायपुर, 29 अगस्त 2020। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि, उद्यानिकी एवं कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालयों में स्नाकोत्तर एवं पी.एच.डी. पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया 5 सितंबर, 2020 से प्रारंभ की जाएगी। कोविड-19 संक्रमण को ध्यान में रखते हुए इन पाठ्यक्रमों में बिना प्रवेश परीक्षाContinue reading “सूचना – स्नातकोत्तर एवं पी.एच.डी. पाठ्यक्रमों में प्रवेश 5 सितंबर से”

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