फिंगेश्वर – विकासखण्ड के गौठान ग्राम कसेरूडीह,सहसपुर, बासीन ,कोपरा , सेंदर रावड़ में कृषि विज्ञान केन्द्र जिला गरियाबंद एवं कृषि विभाग द्वारा गौठानों में कार्यरत् महिला समूहों को वर्मी कंपोस्ट निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। गौरतलब है कि अंचल में लगातार हो रहे, रसायनिक दवाओं और उर्वरकों के अंधाधुंध छिडकाव से भूमि की दशा काफीContinue reading “गौठानों में हुआ वर्मी खाद बनाने का प्रशिक्षण”
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किसानो का पैसा बचायेगी ये “खाद”
मटका खाद पिछले कुछ दशकों से देखा गया है कि रसायनिक दवाओं के अंधाधुंध छिड़काव के कारण हमारी जमीन बंजर तो हो ही रही है अपितु खेत की मिट्टी का पी एच वैल्यू भी कम होता जा रहा है मिट्टी अम्लीय होती जा रही है। जिसे उपजाऊ बनाने के लिए भांति-भांति प्रकार के रसायनों काContinue reading “किसानो का पैसा बचायेगी ये “खाद””
बायो से मरा या केमिकल से मरी हुई इल्ली को देखकर पहचाने
विगत कुछ वर्षों से जैविक खेती का चलन काफी बढ़ गया है जो कि पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी आवश्यक भी है परंतु आज बाजारों में जैविक उत्पाद के नाम से कई ऐसे उत्पादो को किसान भइयो को मुहैय्या कराया जा रहा है जो कि रसायनिक है इसके प्रति किसान भाइयों कोContinue reading “बायो से मरा या केमिकल से मरी हुई इल्ली को देखकर पहचाने“
कीट नियंत्रण – एक सस्ता सा ” कार्ड” जो तना छेदक, पत्ती लपेटक जैसे जिद्दी कीटों का करे खात्मा।
आधुनिक खेती आज काफी मंहगी हो गयी है किसान भाइयों ने फसलों का उत्पादन तो बढ़ा लिया है परंतु साथ ही साथ मंहगे कीटनाशकों का प्रयोग कर कृषि लागत को भी काफी बढ़ा लिया है।हमारा उधेश्य यह है कि कृषि लागत कम हो जाये और किसान भाइयों को अधिक उत्पादन प्राप्त हो। आज की कड़ीContinue reading “कीट नियंत्रण – एक सस्ता सा ” कार्ड” जो तना छेदक, पत्ती लपेटक जैसे जिद्दी कीटों का करे खात्मा।”
कीट प्रबंधन-इल्लियों से आजादी दिलाएगा ये सस्ता कीटनाशक।
कीटो के प्रबंधन के लिए केवल रसायनिक कीटनाशक ही काम नही आते कुछ कीटनाशक किसान भाई बिना किसी खर्च के अपने घरों पर ही बना सकते है, और अपनी फसलों को कीट मुक्त रख सकते है। उनमें से एक है मिर्च और लहसुन से बना ये जैविक कीटनाशक। इस कीटनाशक से लगभग सभी प्रकार कीContinue reading “कीट प्रबंधन-इल्लियों से आजादी दिलाएगा ये सस्ता कीटनाशक।”
घन जीवामृत-किसान भाई अपने घर पर बना सकते है। “घनजीवामृत”
किसान भाइयों आज हमे घन जीवामृत से खेती करने की बहुत ही आवश्यकता है। क्योंकि हरितक्रांति के बाद से ही भारतीय खेती मे जिस प्रकार रसायनिक उर्वरको का आंख बंद कर के बड़ी भारी मात्रा मे प्रयोग हुआ है उसने हमारी भूमि की संरचना ही बदल कर रख दी है। आज बहुत ही तेजी सेContinue reading “घन जीवामृत-किसान भाई अपने घर पर बना सकते है। “घनजीवामृत””
जैविक तरीको को अपनाकर किसान बचा सकते है अपनी फसल को कीटो से।
भारत में हरित क्रांति का मुख्य उद्देश्य देश को खाद्यान्न मामले में आत्मनिर्भर बनाना था, लेकिन इस बात की आशंका किसी को नहीं थी कि कीटनाशकों का अंधाधुंध इस्तेमाल न सिर्फ खेतों को बंजर बना देगा, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाएगा। क्योंकि देश के ज्यादातरकिसान परंपरागत कृषि से दूर होते जा रहे हैं। किसानोंContinue reading “जैविक तरीको को अपनाकर किसान बचा सकते है अपनी फसल को कीटो से।”